दिल्ली में नए साल के दूसरे दिन भी प्रदूषण की स्तर बढ़ा, हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’

दिल्ली में मंगलवार को हवा की गुणवत्ता का स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया है. राजधानी में पीएम-10 का स्तर 390 दर्ज किया गया जबकि पीएम 2.5 का स्तर 226 रहा यह दोनों ही प्रदूषण मानकों में बहुत खराब स्थिति में माने जाते है.

नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में नए साल के दूसरे दिन भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता सूचकांक पर दिल्ली में मंगलवार को हवा की गुणवत्ता का स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया है. राजधानी में पीएम-10 का स्तर 390 दर्ज किया गया जबकि पीएम 2.5 का स्तर 226 रहा यह दोनों ही प्रदूषण मानकों में बहुत खराब स्थिति में माने जाते है. दिल्ली के मथुरा रोड इलाके में पीएम 10 का स्तर 335 और पीएम 2.5 का स्तर 380 रिकॉर्ड किया गया. यहां भी स्थिति खराब ही रही.

दिल्ली के सबसे हरे-भरे इलाकों में से एक दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूरे क्षेत्र में पर प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया. यहां पीएम 10 का स्तर 446 रहा और पीएम 2.5 का स्तर 413 रिकॉर्ड किया गया. प्रदूषण के यह आंकड़े Severe यानि गंभीर कंडीशन को दर्शाते हैं. अब दिल्ली एयरपोर्ट की बात करें तो यहां पीएम-10 का स्तर 345 रहा जबकि पीएम 2.5 का स्तर 398 रिकॉर्ड किया गया.

यह भी पढ़ेंः नए साल में दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा

दिल्ली में सोमवार (01 जनवरी) भीषण कोहरे के कारण वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने पर इसे आपात श्रेणी में रखा गया है. हालांकि वायु प्रदूषण का संकट दिल्ली वालों के नए साल के जश्न के लिये घरों से निकलने से नहीं रोक सका. हालांकि रविवार को भी सूचकांक पर दिल्ली की हवा की गुणवत्ता का स्तर 398 के स्तर पर था. एक आशंका के मुताबिक रविवार मध्यरात्रि नए साल के जश्न के दौरान की गई आतिशबाजी से भी हवा की गुणवत्ता खराब हुई है.

आपको बता दें कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक पर शून्य से 50 अंक तक हवा की गुणवत्ता को अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक सामान्य, 201 से 300 के स्तर को खराब, 301 से 400 के स्तर को बहुत खराब और 401 से 500 के स्तर को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है.

सीपीसीबी की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में शाम छह बजे प्रदूषक तत्वों पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 311 और 471.5 दर्ज किया गया. इन तत्वों का स्तर 300 से 500 के बीच होने पर वायु प्रदूषण के स्तर को आपात श्रेणी में रखा जाता है. इनका सामान्य स्तर 60 से 100 के बीच होना चाहिये.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*