इकोनॉमी के लिए ‘वेरी हैप्पी न्यू ईयर’ होगा वर्ष 2018, ये है इसका संकेत

अब तक 5 बीमा कंपनियों ने 44,000 करोड़ जुटाए हैं. आगे एचडीएफसी समूह 41,000 करोड़ और एक्सिस बैंक 11,600 करोड़ जुटाने वाले हैं.

भारत में बिजनेस सेंटिमेंट सुधर रहा है? औद्योगिक उत्पादन अब भी कमजोर है, फिर भी जवाब होना चाहिए- हां. निवेश बढ़ रहे हैं और इसके बाद उत्पादन बढ़ेगा. निवेश के लिए फाइनेंशियल सेक्टर का मजबूत होना जरूरी है. इसमें सुधार तेजी से हो रहे हैं. बीते 6 महीने से अगले 6 महीने तक वित्तीय संस्थान करीब एक लाख करोड़ रुपए जुटा चुके होंगे. अब तक 5 बीमा कंपनियों ने 44,000 करोड़ जुटाए हैं. आगे एचडीएफसी समूह 41,000 करोड़ और एक्सिस बैंक 11,600 करोड़ जुटाने वाले हैं.

बैंक कर्ज में रिवाइवल
बैंकों को सरकार की तरफ से 2.11 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे. इससे बैंकों को एनपीए को बट्‌टे खाते में डालने में मदद मिलेगी. दिवालिया कंपनियों के नए निवेशकों के हाथों बिकने से भी नए फंड आएंगे. इनके अलावा बैंक कर्ज में भी रिवाइवल दिख रहा है. 8 दिसंबर को खत्म पखवाड़े में कर्ज 9.8% बढ़ा है. हालांकि यह तेजी पिछले साल की नोटबंदी के कारण ज्यादा लग रही है. मौजूदा वित्त वर्ष में ग्रोथ 2.4% ही है. फिर भी कह सकते हैं कि नवंबर-दिसंबर 2016 की परिस्थितियों से सिस्टम बाहर चुका है.

एफडीआई में बढ़ोतरी
रिजर्वबैंक ने दिसंबर में ब्याज दरें यथावत रखी थीं. तब इसने कहा था कि विकास दर में तेजी के संकेत हैं. कई साल तक सुस्त रहने के बाद प्राइमरी कैपिटल मार्केट में इस बार काफी तेजी रही. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार से एफडीआई बढ़ेगा. एनपीए वाली कंपनियों के खिलाफ बैंकरप्सी कोड के तहत कार्रवाई और सरकार से पूंजी मिलने से बैंकों की क्षमता बढ़ेगी.

चुनाव से पहले सुधार
पूरे 2017-18 और 2018-19 की पहली छमाही में कंपनियां पूंजी बाजार से 1.25-1.50 लाख करोड़ जुटाएंगी. बैंक कर्ज मिलाकर देखें तो 2018 की दूसरी छमाही में काफी निवेश होगा. इस रिकवरी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 के आम चुनाव में मदद मिलेगी या नहीं, यह अलग बात है. लेकिन 2018 में सबसे बड़े रिवाइवल का इंतजार है. जीएसटी के कारण पनपी समस्याएं खत्म होने पर सरकार का रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ेगा. सारांश यह कि 2018 इकोनॉमी के लिए ‘वेरी हैप्पी न्यू ईयर’ होगा. दुख इस बात का है कि ‘अच्छे दिन’ में इतना वक्त लग रहा है.

आर जगन्नाथन- लेखक वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार, ‘डीएनए’ के एडिटर रह चुके हैं. (लेखक का ये लेख दैनिक भास्कर में प्रकाशित वीकली रिव्यू है)

2017 में भारतीय बाजारों का प्रदर्शन
दुनियाभर में सेंसेक्स का रिटर्न तीसरा सबसे ज्यादा.
23 विकसित देशों के शेयर बाजार का मार्केट कैप 585 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है.
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 45.5 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई है.
बाजार रिटर्न
हैंग सेंग (हांग कांग) 41.27%
नैसडैक (अमेरिका) 29.73%
सेंसेक्स (भारत) 27.90%
पीएसईआई (फिलिपींस) 27.15%
स्ट्रेट टाइम्स (सिंगापुर) 22.01%

स्मॉल कैप इंडेक्स ने दिया सबसे ज्यादा 60% रिटर्न
बीएसई स्मॉल कैप 59.64%
बीएसई मिडकैप 48.13%
बीएसई सेंसेक्स 27.90%

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा तेजी टाटा स्टील में रही
कंपनी शेयर में वृद्धि
टाटा स्टील 88.63%
मारुति सुजुकी 86.04%
भारती एयरटेल 76.35%
रिलायंस इंडस्ट्री 75.07%
हिंदुस्तान यूनिलीवर 68.77%
1.97 लाख करोड़ रुपए विदेशी निवेशकों ने लगाए
49835 करोड़ इक्विटी मार्केट में निवेश किए
147812 करोड़ रुपए डेट मार्केट में निवेश किए

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