‘खुद को कृष्ण बताकर 16000 लड़कियों से संबंध बनाना चाहता था बाबा’

रोहिणी के विजय विहार इलाके में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से आश्रम चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित खुद को कृष्ण बताता था. वह हमेशा महिला शिष्यों के बीच ही रहना पसंद करता था. उसने 16000 महिलाओं के साथ संबंध बनाने का लक्ष्य रखा था. वह गोपियां बनाने के लिए अनुयायी लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था.

हाईकोर्ट के निर्देश पर आश्रम की जांच करने पहुंची महिला आयोग और पुलिस की टीम को कुछ वीडियो मिले, जिससे बाबा की काली करतूतों का खुलासा हुआ है. पुलिस ने आश्रम से कई लड़कियों को सुरक्षित निकालते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है. आश्रम पर महिलाओं को बंधक बना यौन शोषण के आरोप के बाद एक एनजीओ ने कोर्ट में गुहार लगाई थी.

कोर्ट ने इसे गंभीर बताते हुए मंगलवार को महिला आयोग से जांच का आदेश दिया था. कार्रवाई के बाद टीम ने बुधवार को हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने कहा कि यह मामला राम-रहीम जैसा हो सकता है. सीबीआई जांच होनी चाहिए. कोर्ट ने सीबीआई को आश्रम में छापा मारने के निर्देश दिए हैं.

इससे पहले छापा मारने पहुंची टीम को अनुयायियों बंधक बना लिया था. टीम ने इसी दायरे में तलाशी ली तो बाबा के अश्लील वीडियो-किताबें, जोशवर्धक दवाओं सहित कई आपत्तिजनक सामान मिले थे. वीडियो में सामने आया कि वीरेंद्र खुद को कृष्ण बताता और गोपियां बनाने के लिए अनुयायी लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि महिलाओं को नशे के दवा दी जाती थीं. चार मंजिला आश्रम के अंदर बोर्ड पर लिखा था, ‘आपसे कोई पूछे कैसे हो तो बताना-ठीक हैं और खुश हैं. रात में लड़कियां यहां से आती-जाती हैं. यहां देह व्यापार चलता है. उम्र होने के बाद महिलाओं को बाहर निकाल दिया जाता है.

इधर, हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुवार की सुबह दिल्ली पुलिस, महिला आयोग, CWC और DCPCR की टीम आश्रम में पहुंची. वहां महिला डॉक्टरों की एक टीम को भी बुलाया गया है, जो आश्रम में मौजूद महिलाओं और लड़कियों की मेडिकल जांच करेंगी. आश्रम में बंद कुछ महिलाओं और लड़कियों के परिजन भी उन्होंने खोजते हुए पहुंचे हुए हैं.

एक परिवार के तीन सदस्य शैलेश गुप्ता, वंदना, शिंटु आश्रम पहुंचे. शिंटु का कहना है कि उनकी मां और बहन 6-7 साल से आश्रम के अंदर बंद हैं. इन लोगों का आरोप है कि वे जब भी यहां आते हैं, इन्हें उनसे मिलने नहीं दिया जाता है. दिल्ली हाईकोर्ट ने आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर सीबीआई को छापे मारने के आदेश दिए हैं. सीबीआई एसआईटी का गठन कर रही है.

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