क्राइम शो से मशहूर हुए थे सुहैब इलियासी, पढ़ें: 17 साल की पूरी दास्तान

एक वक्त था जब देश भर के खूंखार मुजरिम उसकी आंखों की किरकिरी बने हुए थे. बड़े-बड़े मुजरिमों को पकड़वा कर वो बेहद कम वक्त में स्टार बन गया, लेकिन उसका यही स्टारडम उसकी बीवी को मौत की दहलीज तक ले गया. ये कहानी है क्राइम शो इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड के होस्ट सुहैब इलियासी की. जिसकी तकदीर का फैसला बुधवार को दिल्ली की एक अदालत करने जा रही है.

17 साल पहले सुहैब इलियासी की पत्नी अंजू इलियासी की रहस्यमयी हालत में मौत हो गई थी. 17 साल बाद इसी शनिवार को दिल्ली की निचली अदालत ने अंजू की मौत के लिए सुहैब इलियासी को दोषी करार दे दिया है. अब बस सज़ा का एलान होना है.

जैसे सुहैब इंडिया के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों की पहचान बताता था, वैसी ही पहचान खुद उसकी बन गई. किसने सोचा होगा कि जो शख्स एक जमाने में लोगों को अपने टीवी शो के जरिए मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों से रूबरू करवाता था. 90 के दशक में जिस आवाज़ को सुनते ही अपराधियों के हाथ-पैर कांपने लगते थे.जिसने अपराधियों की नींद उड़ा रखी थी. खुद उसका नाम एक दिन उन्हीं अपराधियों की फेहरिस्त में जुड़ जाएगा.

जो 21वीं सदी में पैदा हुए वो भले इस शख्स को अच्छे से न जानते हों मगर उससे पहले पैदा हुए लोगों के लिए ये शख्स किसी पहचान का मोहताज नहीं. रात में टीवी पर जैसे ही उसके क्राइम शो की धुन बजती थी, लोग समझ जाते थे कि आज फिर किसी गैंगस्टर की शामत आने वाली है. मगर वक़्त का पहिया ऐसा घूमा कि जो शख्स अपराधियों को उनके असल ठिकान तक पहुंचाता था, वो खुद सलाखों के पीछे पहुंच गया. वो भी अपनी ही बीवी अंजू इलियासी के कत्ल के इल्ज़ाम में.

अब 17 लंबे साल बाद दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुहैब इलियासी को अपनी ही बीवी की मौत का दोषी करार दे दिया है. टीवी पर एक घंटे के शो में जुर्म की दास्तां सुनाने वाले सुहैब के जुर्म की कहानी साबित होने में 17 साल लग गए. अंजू इलियासी की हत्या के इस केस और उसमें आए ट्विस्ट्स, किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं.

ये कहानी शुरू हुई साल 2000 में. तारीख थी 10 जनवरी. सुहैब की पत्नी अंजू इलयासी को पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके के घर से ज़ख्मी हालत में अस्पताल ले जाया गया था. पुलिस को दिए बयान में सुहैब ने बताया कि दोनों के बीच हुई कहासुनी के बाद अंजू ने खुदकुशी करने के इरादे से खुद को चाकू मार लिया.

वारदात के वक़्त घर में अंजू इलियासी के अलावा उसकी ढाई साल की बेटी आलिया और खुद सुहैब इलियासी मौजूद था. सुहैब के मुताबिक जब वो घर पहुंचा तब अंजू से उसकी कुछ कहासुनी हुई. जिसके बाद अंजू दूसरे कमरे में चली गई और फिर उसने गुस्से मे खुद को चाकू मार लिया. अंजू के पेट पर चाकू के दो निशान थे. बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान अंजू इलियासी की मौत हो गई.

अब सारा मामाल इस बात पर आकर ठहर गया था कि क्या सचमुच अंजू ने खुदकुशी की या फिर उसका कत्ल किया गया? ये सवाल इसलिए उठ रहा था कि एक्सपर्ट इस बात को मानने को तैयार ही नहीं थे कि खुदकुशी करने वाला कोई इंसान खुद पर चाकू से एक से ज़्यादा बार वार कर सकता है.

बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस सवाल का जवाब देने में नाकाम रही. तीन डॉक्टरों के पैनल ने अंजू इलियासी की लाश का पोस्टमार्टम किया. दो-दो अटॉप्सी रिपोर्ट्स तैयार हुई. फरेंसिक जांच के नतीजे आए. अंजू के मां-बाप के बयान दर्ज हुए. तब सब यही इशारा कर रहे थे कि अंजू ने खुदकुशी की ही है. पुलिस भी अब इसी थ्योरी पर जांच मुकम्मल करने जा रही थी.

10 जनवरी 2000 की उस रात अंजू ने सुहैब इलियासी के साथ झगड़े के बाद खुद को चाकू मारा या उसे किसी और ने चाकू मरा? पोस्टमार्टम रिपोर्ट केस पर कोई खास रोशनी नहीं डाल पा रही थी और चाकू पर न अंजू की उंगलियों के निशान मिल रहे थे, न ही सुहैब इलियासी के. इसके अलावा घर में कोई चश्मदीद भी नहीं था. लिहाज़ा शुरू में वही कहानी सब मान रहे थे, जो सुहैब सुना रहा था.

मगर तभी मामले में ट्विस्ट तब आया जब अंजू के कत्ल के एक महीने बाद फरवरी में अंजू की बड़ी बहन रश्मि कनाडा से भारत आईं. रश्मि ने पहली बार ये खुलासा कर सभी को चौंका दिया कि अंजू ने खुदकुशी नहीं की है बल्कि उसका कत्ल हुआ है.

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